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Saturday, 2 January 2016
दोस्तों की बात इतनी चुभी कि बना दिया हेलिकॉप्टर
रांची। रांची के एक बाइक मैकेनिक हेलिकाॅप्टर बना रहे हैं। हेलिकॉप्टर को बनाने का जुनून बाइक मैकेनिक वासुदेव राणा को तब चढ़ा, जब उनसे दोस्तों ने कहा कि तुम कर ही क्या सकते हो ? वासुदेव को अपने दोस्तों की बात ऐसी चुभी कि उन्होंने ठान लिया कि अब वह हेलिकॉप्टर बनाकर रहेंगे। उनकी इस पहल में उनके पांच दोस्त भी उनके साथ आ गए हैं।
हेलिकाॅप्टर में लगाया ऑटो का इंजन, उड़ान भरने का है इंतज़ार...
हेलिकॉप्टर का ढांचा लगभग बनकर तैयार है। इसे देखने के लिए रोजाना लोग यहां पहुंचते हैं। इसमें इंजन की जगह फिलहाल वासुदेव ने पियाजियो ऑटो का इंजन लगा दिया है। कोशिश है कि इस इंजन से कुछ सफलता मिले। ये हेलिकाॅप्टर बनकर कब तैयार होगा ये नहीं कहा जा सकता लेकिन इसे लेकर रोज इन लोगों की मीटिंग होती रहती है और इन्हें इंतजार है तो बस इसके उड़ान भरने का।
आर्थिक परेशानी भी नहीं रोक सकी इन्हें
वासुदेव को सहयोग कर रहे हैं राजेश शर्मा जो फर्नीचर की दुकान चलाते हैं। मो. आलम, जिनकी रूई की दुकान है और करण, संतोष व राजकिशोर। इन सभी के पास ना तो ऐसी कोई एयरोनॉटिकल इंजीनियर की डिग्री है और ना ही उच्चस्तरीय संसाधन। वासुदेव को आर्थिक परेशानी है लेकिन वह इस जुनून को पूरा करने में लगे हुए हैं।
हेलिकाॅप्टर में लगाया ऑटो का इंजन, उड़ान भरने का है इंतज़ार...
हेलिकॉप्टर का ढांचा लगभग बनकर तैयार है। इसे देखने के लिए रोजाना लोग यहां पहुंचते हैं। इसमें इंजन की जगह फिलहाल वासुदेव ने पियाजियो ऑटो का इंजन लगा दिया है। कोशिश है कि इस इंजन से कुछ सफलता मिले। ये हेलिकाॅप्टर बनकर कब तैयार होगा ये नहीं कहा जा सकता लेकिन इसे लेकर रोज इन लोगों की मीटिंग होती रहती है और इन्हें इंतजार है तो बस इसके उड़ान भरने का।
आर्थिक परेशानी भी नहीं रोक सकी इन्हें
7000 कारों का मालिक है यह सुल्तान, सोने के प्लेन और कार में करता है सवारी
ब्रुनेई (2 जनवरी): ब्रुनेई कासुल्तान हसनल का नाम दुनिया के सबसे रईस लोगों में आता है। इसका कारण यहां के ऑयल रिजर्व हैं। 1980 के आखिर में सुल्तान को पहली बार दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति का खिताब हासिल हुआ। हालांकि, 1990 में अमेरिकी बिजनेसमैन बिल गेट्स ने उनसे यह खिताब छीन लिया। सुल्तान की कुल संपत्ति 1.24 लाख करोड़ रुपए है।
खुद का बोइंग विमान
सुल्तान के पास खुद का बोइंग 747-400 विमान है। ये किसी महल से कम नहीं। विमान के अंदर एक लिविंग रूम, बेड रूम और ढेर सारा सोना है। ये जेट पूरी तरह आधुनिक उपकरणों से लैस है। विमान में एक रिमोट कंट्रोल डेस्क भी है। उनके पास बोइंग 767-200 भी है, जिसे बोइंग कमर्शियल एयरप्लेंस ने बनाया है। इसके अलावा एक एयरबस ए340-200 भी है, जिसमें 261 यात्रियों के बैठने की सुविधा है।
Thursday, 31 December 2015
मोदी की रैली में सेल्फी प्रेम पड़ा भारी, लाखों के सामने हो गई पिटाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोएडा में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के
उद्घाटन के बाद हुई रैली में एक शख्स को सेल्फी प्रेम भारी पड़ गया। इस
चक्कर में पुलिस ने उसकी कुटाई कर दी।
असल में ये सज्जन सेल्फी के चक्कर में वीवीआईपी के लिए बैठने के लिए बने इलाके में प्रवेश कर गए। इस दौरान वो फोटो खिंचने में इतने व्यस्त रहे कि सुरक्षा बलों की आवाज को भी अनसुना कर दिया।
इस शख्स की हरकत के बाद तुरंत ही सुरक्षाकर्मी हरकत में आ गए और उन्हें दबोच लिया। इससे बुरा ये हुआ कि गुस्साए सुरक्षाकर्मी ने भरी भीड़ में उनकी कुटाई भी कर दी।
असल में ये सज्जन सेल्फी के चक्कर में वीवीआईपी के लिए बैठने के लिए बने इलाके में प्रवेश कर गए। इस दौरान वो फोटो खिंचने में इतने व्यस्त रहे कि सुरक्षा बलों की आवाज को भी अनसुना कर दिया।
इस शख्स की हरकत के बाद तुरंत ही सुरक्षाकर्मी हरकत में आ गए और उन्हें दबोच लिया। इससे बुरा ये हुआ कि गुस्साए सुरक्षाकर्मी ने भरी भीड़ में उनकी कुटाई भी कर दी।
800 साल पुरानी मोबाईल
विएना. मोबाइल फोन का आविष्कार 40 साल पहले हुआ था। लेकिन
ऑस्ट्रिया में खुदाई में मिले एक मोबाइल फोन के 800 साल पुराना होने का
दावा किया जा रहा है। फोन के बटन पर लिखी भाषा मेसोपोटामिया सभ्यता की है।
13वीं सदी में हो सकती है ऐसी मशीन...
- ऑस्ट्रिया के साल्जबर इलाके में खुदाई के दौरान निकली मूर्ति की फोटो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।
- मूर्ति के हाथ में मोबाइल फोन जैसी चीज दिख रही है। यह मूर्ति करीब 800 साल पुरानी बताई जा रही है। ऐसे में उस जमाने में मोबाइल होने की बात पर आश्चर्य किया जा रहा है।
- मूर्ति के हाथ में मोबाइल फोन जैसी चीज दिख रही है। यह मूर्ति करीब 800 साल पुरानी बताई जा रही है। ऐसे में उस जमाने में मोबाइल होने की बात पर आश्चर्य किया जा रहा है।
- एक्सपर्ट का दावा है कि 13वीं सदी में मूर्ति के हाथों में मोबाइल जैसी कलाकृति, उस समय ऐसी किसी मशीन को देखकर बनाई गई होगी।
800 साल पुरानी मूर्ति होने के पीछे की वजहें
- इस मोबाइल फोन के बटन के शब्द कील लिपी के हैं। यह पांच हजार साल पहले मेसोपोटामिया सभ्यता ने ईजाद की थी।
- कील लिपी की निशानियां अब भी इराक और ईरान में मौजूद हैं।
- कील लिपी की निशानियां अब भी इराक और ईरान में मौजूद हैं।
लोग मान रहे हैं मजाक
- इस मोबाइल का डिजाइन नोकिया के सबसे शुरुआती मॉडल जैसा है। इसलिए
देखने वालों का कहना है कि यह मूर्ति अब की है और किसी आर्टिस्ट ने बड़ा
मजाक किया है।
Wednesday, 30 December 2015
सप्ताह भर से मृत नाग के पास बैठी है नागिन
ग्वालियर। आपने नाग-नागिन की प्रेम कहानियां फिल्मों या टीवी सीरियल्स में खूब देखी होंगी, लेकिन असल जिंदगी में भी कुछ इसी तरह की कहानी इन दिनों मुरैना के खेरिया गांव में देखने को मिल रही है। यहां मृत नाग के पास करीब सप्ताह भर से एक नागिन बैठी हुई है।
गांव वालों का मानना है कि नागिन सती हो रही है। ग्रामीण इसे एक चमत्कार मानते हुए नाग-नागिन की पूजा अर्चना के साथ वहां संकीर्तन में लगे हैं। नाग-नागिन की इस प्रेम कहानी के चर्चे दूर दूर तक छाए हुए हैं।
गांव के एक किसान ने बताया कि वह अपने खेत में काम कर रहा था कि अचानक एक नाग निकला। किसान ने उसे लाठी से मार दिया। थोड़ी देर बाद ही वहां एक नागिन भी फुफकारती हुई पहुंच गई। इस पर किसान घबरा गया और उसने कुछ और साथियों के साथ मिलकर नागिन को भी लाठियों से मार दिया और पास के खेत में फेंक दिया।
अगले दिन लोगों ने देखा कि नागिन जिंदा है और अपने नाग के शव के पास बैठी है। नागिन बीते एक सप्ताह से उसी जगह नाग से लिपट कर बैठी है और उसने खाना पीना भी छोड़ दिया है। वह अपने नाग के पास से न तो रात को दूर होती है और न ही दिन में। नागिन के समर्पण को देख कर लोग उस जगह पूजा पाठ कर रहे हैं। ग्रामीण नाग का अंतिम संस्कार विधि विधान से कर उसकी अस्थ्यिों को गंगा में प्रवाहित करने की सोच रहे हैं।
'दुनिया की सबसे रिस्की थी मोदी की लाहौर विजिट'
नई दिल्ली (30 दिसम्बर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरप्राइज लहौर विजिट दुनिया की अब तक की सबसे रिस्की विजिट थी। जैसे ही नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि वे लाहौर जा रहे हैं तो भारत और उसके मित्र देशों समते दुनिया भर की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की दिलों की धड़कनें बढ़ गयीं थीं। सभी ने अपने सोर्सेज को हाई अलर्ट एलार्म जारी कर दिया था। मोदी और नवाज के एक-एक कदम की निगरानी की जा रही थी।
लाहौर एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर के समय दोनों प्रधानमंत्रियों के पीछे चल रहे पाक एयरफोर्स के हथियारबंद जवान को देखकर सभी की सांसे थम गयी थीं। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद जब दोनों नेता हेलिकॉप्टर में बैठ गये। तब कुछ राहत मिली थी। यह खुलासा भारत के एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने किया है। भारत के सुरक्षा और प्रोटोकॉल अधिकारी इस पशोपेश में थे कि इस यात्रा को किस श्रेणी में रखा जाये। क्यों कि ऐसी यात्राओँ में न तो कोई नियम होता है और न कोई कानून। सब कुछ या तो भगवान के हाथ में होता है या फिर मौके पर मौजूद सुरक्षा और अधिकारियों के दिमाग में।
भारत के अधिकारियों के दीमाग में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का श्रीलंका का वो दौरा आ गया था जिसमें एक सैनिक ने राइफल की बट से राजीव गांधी पर हमला कर दिया था। भारत के ही एक पूर्व अधिकारी ने दिल्ली में एक मीडिया हाउस को बताया कि मौजूदा परिप्रेक्ष्य को देख कर कह सकते हैं कि शायद भारत को लेकर पाकिस्तानी सेना के दीमाग में भी कोई परिवर्तन आया है, लेकिन हम अब भी पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तान आर्मी पर भरोसा नहीं कर सकते।
काश! इंजीनियर रहे मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ख़ुद वैज्ञानिक रिपोर्टों को पढ़ा होता
By:मुकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार
भारत में ये आम धारणा है कि हमारे नेतागण तकनीकी और वैज्ञानिक विषयों की कम समझ रखते हैं. काफ़ी हद्द तक ये बात सही भी हो सकती है. लेकिन ताज़्ज़ुब तो तब होता है जब टेक्नोक्रेट से नेता बने अरविन्द केजरीवाल जैसे लोग भी प्रदूषण से जुड़ी तकनीकी बातों की अनदेखी करके ऑड-ईवेन कार योजना जैसे तुग़लक़ी फ़रमान जारी कर देते हैं. इसीलिए ये सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या अपने टेक्नोक्रेट मुख्यमंत्री से दिल्लीवासियों को पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के बारे में उम्दा सूझ-बूझ दिखाने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए! यदि हाँ, केजरीवाल को ‘प्लान से पहले ऐलान’ का रास्ता थामने से पहले कम से कम चुनिन्दा रिपोर्ट्स को तो ज़रूर ख़ुद पढ़ना चाहिए था. यदि उन्होंने सिर्फ़ अख़बारों में छपी रिपोर्ट्स पर ग़ौर किया होता तो भी वो कतई ऐसा हवन नहीं करते जिसमें हाथ जलना तय हो! महात्मा गाँधी ने कहा था, ‘कोई निर्णय नहीं करने से ज़्यादा ख़तरनाक होता है अज्ञानता में लिया गया निर्णय!’
दिल्ली के वायु प्रदूषण पर आईआईटी, कानपुर ने एक व्यापक तकनीकी रिपोर्ट तैयार की है. ये दिल्ली सरकार और सुप्रीम कोर्ट दोनों के पास है. लेकिन शायद, दोनों ने ही उस पर ग़ौर नहीं किया. वायु प्रदूषण के सूक्ष्म कणों को Particulate Matter (PM) कहते हैं. ये अलग-अलग श्रेणियों के होते हैं. PM10 श्रेणी के मुताबिक़, राजधानी दिल्ली के वायु प्रदूषण में 56 फ़ीसदी योगदान सड़कों पर उड़ने वाले धूल के कणों (Road Dust) का है. 14 फ़ीसदी प्रदूषण निर्माण-गतिविधियों की वजह से है और 10 फ़ीसदी औद्योगिक प्रदूषण है. नौ फ़ीसदी प्रदूषण वाहनों की वजह से है. बाक़ी 11 फ़ीसदी के लिए अन्य वजहें ज़िम्मेदार हैं. अब यदि ये मान भी लें कि केजरीवाल के लिए Road Dust के मुक़ाबले वाहन प्रदूषण में हाथ डालना अपेक्षाकृत आसान था, तो भी तकनीकी रिपोर्ट ये बताती है कि इससे कुछ ख़ास हासिल नहीं होगा.
PM2.5 श्रेणी के सूक्ष्म कण ज़्यादातर ख़तरनाक और ज़हरीले माने जाते हैं. आईआईटी, दिल्ली के एसके गुट्टीकुंडा के शोध के मुताबिक़, दिल्ली की हवा में मिलने वाले प्रदूषण में जहाँ 38 फ़ीसदी हिस्सेदारी Road Dust की है. वहीं वाहन प्रदूषण का अंशदान 20 फ़ीसदी का है. पल्लवी पन्त और साथियों की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के व्यस्त मथुरा रोड पर गर्मियों में वाहन प्रदूषण की हिस्सेदारी 18.7% और जाड़े में 16.2% पायी गयी. साफ़ है कि अभी केजरीवाल सरकार मुख्य रूप से पूरे वायु प्रदूषण के उस पाँचवें हिस्से को लेकर ही बेचैन है, जो वाहनों से निकलता है. बाक़ी 80 प्रतिशत प्रदूषण तो अछूता है.
20 फ़ीसदी वाले वाहन प्रदूषण के भी कई शेयर होल्डर्स हैं. इसमें 46 फ़ीसदी हिस्सेदारी ट्रक जैसे भारी वाहनों की है तो 33 फ़ीसदी का योगदान दो-पहिया वाहनों का है. 11 फ़ीसदी प्रदूषण तिपहिया और जेनेरेटर जैसे अन्य क़िस्म के इंजनों का है. 10 फ़ीसदी के साथ कारें सबसे पीछे हैं. साफ़ है कि ‘ऑड-ईवेन’ से सिर्फ़ 10 फ़ीसदी योगदान देने वालों पर निशाना साधा जा रहा है. इस तरह, केजरीवाल सरकार ने कुल प्रदूषण के 20 फ़ीसदी (वाहन प्रदूषण) और फिर इस 20 फ़ीसदी के भी 10 फ़ीसदी (कारों का हिस्सा) हिस्से पर ही निशाना साधा है. ये कुल वाहन प्रदूषण का 2 फ़ीसदी हुआ. इसमें से ‘ऑड-ईवेन’ के तहत आधी से ज़्यादा कारें तो चलती ही रहेंगी, क्योंकि सीएनजी और महिला ड्राइवर वाली कारों को छूट हासिल है. अब यदि इस श्रेणी में आधा फ़ीसदी कारें भी आयीं तो सारी क़वायद राजधानी दिल्ली की हवा के सिर्फ़ आधा फ़ीसदी (0.5%) प्रदूषण रोकने के लिए हो रही है.
व्यवहार में तो ये उससे भी कम बैठेगी. ज़रा इसे भी समझते चलिए. रात 8 से लेकर सुबह 8 बजे तक तो ‘ऑड-ईवेन’ लागू होगा नहीं. रविवार भी इसमें शामिल नहीं है. यानी 15 दिनों की इस पूरा हॉय-तौबा में 12-12 घंटे के जो 30 हिस्से होंगे, उनमें से सिर्फ़ 12 हिस्से ही इससे प्रभावित होंगे. यानी 15 दिन के कुल 360 घंटों में से 144 घंटे के लिए ‘ऑड-ईवेन’ योजना लागू होगी. ये पूरे वक़्त का सिर्फ़ 40 फ़ीसदी है. इसका मतलब ये हुआ कि यदि ‘ऑड-ईवेन’ योजना शत-प्रतिशत सफ़ल भी हो जाएगी. तो भी 0.8% (2% का 40%) से ज़्यादा का फ़ायदा नहीं होगा. साफ़ है कि यदि केजरीवाल ने इस Cost-Benefit Analysis का हिसाब लगाया होता तो वो अपना तुग़लक़ी फ़रमान जारी करने से पूरा परहेज़ करते और प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए ऐसे तरीक़े अपनाते जो वाकई में हालत को बदलने में मददगार साबित होते.
दिल्ली में आड -इवेन से सीएनजी कारो को छूट मिली है
दिल्ली में आड -इवेन से सीएनजी कारो को छूट मिली है .. लेकिन उसके लिए आईजीएल के पम्प से स्टीकर लगाना होगा ...इस धूर्त केजरीवाल ने बिना किसी होमवर्क के ये तुगलकी फरमान जारी किया और हालत ये है की स्टीकर के लिए कारो की तीन तीन किलोमीटर लम्बी लाइन लगती है ..अपने खोपड़ी के बालो को नोचो दिल्ली वालो ... झांडू डांस करो
Tuesday, 29 December 2015
IRCTC पे कन्फर्म तत्काल कैसे बुक करें?
IRCTC Tatkal Booking – Tips to book confirmed IRCTC Tatkal ticket faster4
Tatkal ticket is one of the most sought after train reservation.1 These 21 “how to book a tatkal ticket” tips will help in booking confirmed tatkal ticket. Here is all the information on tatkaltrain ticket booking. You can find everything including ticket reservation rules, tatkaltimings & seat availability status and predictions for wait list tickets on Confirmtkt.
Internet connectivity and speed is one factor that we tend to ignore. Faster internet can magically convert your “maybe waitlisted” ticket into a confirmed ticket! With a high speed broad band, a 3G or 4G mobile connection, you can book and complete the payment faster.
A major proportion of the time wasted while loading the IRCTC website is not only due to load on the server, but also due to heavy components on the homepage like ads. Advertisement banners can be gotten rid of easily using ad blockers
You can use Magic Autofill or Tatkal Ticket Now chrome extension to fill the IRCTC reservation form with one click. You can also choose to enter all your details on IRCTC before 10 am and just press the “replan” button when you come to payment. This will ensure that IRCTC will store all your details the next time you come and it will also help chrome autosuggest some of your details.
बुर्के का विरोध
केरल :- "इस्लाम क्या है" नामक व्हाट्स एप्प समूह में मोहम्मद रफीक नाम
के युवा ने बुर्के का विरोध किया और उसका स्टूडियो जला दिया गया...
इसी "सर्वाधिक पढ़े-लिखे" (परन्तु वामपंथियों की सड़ांध से भरे) केरल में कुछ दिनों पहले रज़ीना नामक मुस्लिम महिला पत्रकार को भी लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिली थीं जब उन्होंने मदरसों में हो रहे यौन शोषण को उजागर कर दिया था... जी हाँ... यह वही "काँग्रेसी-वामपंथी केरल" है, जहाँ दिनदहाडे एक ईसाई प्रोफ़ेसर के हाथ काटे गए थे क्योंकि उसने प्रश्नपत्र में पैगम्बर पर एक सवाल पूछ लिया था...
========================
और फिर भी मजे की बात यह है कि, "ढोंगी बुद्धिजीवी, नकली प्रगतिशील तथा "वामी-कामी-आपी-कांगी" हमें सहिष्णुता सिखाने चले हैं...
इसी "सर्वाधिक पढ़े-लिखे" (परन्तु वामपंथियों की सड़ांध से भरे) केरल में कुछ दिनों पहले रज़ीना नामक मुस्लिम महिला पत्रकार को भी लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिली थीं जब उन्होंने मदरसों में हो रहे यौन शोषण को उजागर कर दिया था... जी हाँ... यह वही "काँग्रेसी-वामपंथी केरल" है, जहाँ दिनदहाडे एक ईसाई प्रोफ़ेसर के हाथ काटे गए थे क्योंकि उसने प्रश्नपत्र में पैगम्बर पर एक सवाल पूछ लिया था...
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और फिर भी मजे की बात यह है कि, "ढोंगी बुद्धिजीवी, नकली प्रगतिशील तथा "वामी-कामी-आपी-कांगी" हमें सहिष्णुता सिखाने चले हैं...
उत्तर प्रदेश में भुखमरी का जिम्मेदार कौन?
उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय खाद्य
सुरक्षा अधिनियम को क्रियान्वित करने में असफल रहने से सूखाग्रस्त
क्षेत्रों में जीवन का संकट गहरा हुआ है.
बुंदेलखंड, या कहें कि यूपी
वाले बुंदेलखंड से आ रही खबरें बहुत डरावनी हैं. योगेंद्र यादव के नेतृत्व
में स्वराज अभियान के तहत कराए गए एक रैपिड सर्वे के साक्ष्य कहते हैं कि
इलाका अकाल की दशा की तरफ बढ़ रहा है.मसलन, सर्वेक्षण में नमूने के तौर पर चुने गए 38 प्रतिशत गांवों में बीते आठ महीने में भुखमरी या कुपोषण से एक ना एक व्यक्ति की मौत हुई है.
ग़रीब
परिवारों में महज पचास प्रतिशत परिवारों को बीते 30 दिनों में खाने के लिए
दाल नसीब हुई और पचास प्रतिशत से थोड़े ही कम परिवार ऐसे हैं जो इस अवधि
में अपने बच्चों को पीने के लिए दूध जुटा सके हैं.बड़ी संख्या में लोग जंगली कंद-मूल बीनते या खाकर जीवन चलाते दिखे. सर्वे के बाद स्वतंत्र पत्रकारों की जांच-परख से भी इस दुर्दशा की पुष्टि हुई.
जीवन को घेरने वाले इस संकट का बड़ा रिश्ता समय रहते खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफ़एसए) को क्रियान्वित करने में यूपी सरकार के असफल रहने से हैं.
भारत मेँ छिपे आतंकवादियोँ की सूची।
ये अभी अधूरी सूची है :- (नाम लगातार जोडा जा रहा है) ==================== -::: HIT LIST :::- ==================== देशद्रोहियोँ की सूची :- १. एकता कपूर २. मुलायम सिँह ३. नितिश कुमार ४. अखिलेश यादव ५. अरविंद केजरीवाल ६. मार्कंडेय काटजू ७. आजम खान ८. इमाम सैयद अहमद बुखारी ९. सोनिया गाँधी १०. स्वामी अग्निवेश ११. उमर अब्दुल्ला १२. दिग्विजय सिँह १३. मुफ्ती मोहम्मद सईद १४. अकबरुद्दीन ओबैसी १५. सैहरुख खान १६. आमिर खान १७. हाफिज मोहम्मद सईद १८. मुमताज बानो (ममता बनर्जी) १९. राहुल गाँधी २०. जयललिता २१. संजय दत्त २२. ईमरान हास्मी २३. हनी सिँह (यो यो हिजडा) २४. असदुद्दीन ओबैसी २५. जावेद अख्तर २६. शफीक-उर्र-रहमान बर्क २७. दीपक चौरसिया २८. लालू प्रसाद यादव २९. परेश रावल ३०. नसिरुद्दीन साह ३१. प्रियंका चोपडा ३२. दीपिका पादुकोन ३३. संजय लीला भंसाली ३४. किसोरे लुल्ला ३५. मोहम्मद हामिद अंसारी ३६. शरद पवार ३७. शरद यादव ३८. राम गोपाल वर्मा ३९. सलमान खान ४०. इमरान खान ४१. शाहिद कपूर ४२. सैफ अली खान ४३. सोहेल खान ४४. अर्बाज खान ४५. फर्हान अख्तर ४६. नबाजुद्दीन सिद्दकी ४७. आयुस्मान खुराना ४८. रिचा चड्डा ४९. ऋषि कपूर ५०. इर्फान खान ५१. यासीन मलिक ५२. गुलाम मुहम्मद सफी ५३. मुहम्मद उमर फारुक ५४. मिरबैज उमर फारुक ५५. साजिद माजिद ५६. सैयद हासिम अबदुर रैहमान पासा ५७. मेजर इकबाल ५८. इलयास कश्मीरी ५९. रासिद अब्दुल्लाह ६०. मेजर समीर अली ६१. दाउद ईब्राहिम ६२. मेमन इब्राहिम ६३. छोटा शकील ६४. मोहम्मद मोहसिन ६५. मेमन अब्दुल रज्जाक ६६. अनिस ईब्राहिम ६७. अनवर अहमद हाजी जमाल ६८. मोहम्मद डोसा ६९. जाबेद चिकना ७०. सलीम अब्दुल गाजी ७१. रियाज खत्री ७२. मुनाफ हलारी ७३. मोहम्मद सलीम मुजाहिद ७४. बासिर अहमद खान ७५. याकुब ऐडा खान ७६. मोहम्मद मेमन ७७. इरफान छवगुले ७८. फिरोज रासिद खान ७९. अली मूसा ८०. सागिर अली शेख ८१. अफताब बतकी ८२. मौलाना मोहम्मद मसूद अजहर ८३. सलाउद्दीन ८४. आजम छीमा ८५. सैयद जाबिउद्दीन जाबी ८६. इब्राहिम अथार ८७. अजहर यूसुफ ८८. जाहुर इब्राहिम मिस्त्री ८९. अखतर सैयद ९०. मोहम्मद शाकिर ९१. रौफ अब्दुल ९२. अमनुल्लाह खान ९३. सूफियान मुफ्ती ९४. नचान अकमल ९५. पठान याकुब खान ९६. आमिर राजा खान ९७. आयेश अहमद ९८. अल खालिद हुसैन ९९. इमरान तोकिब राजा १००. शाबिर तारिक हुसैन १०१. अबू हमजा १०२. जाकी उर रैहमान लखबी १०३. छानेप अरामबिल मोहम्मद बसहीर (CAM Basheer) १०४. अर्जुन रामपाल १०५. कपिल शर्मा १०६. शत्रुधन सिन्हा १०७. प्रशांत भूषण १०८. महेश भट्ट १०९. वृदा करात ११०. प्रकाश करात १११. रामजेठमलानी ११२. तीस्ता सीतलबाड ११३. अबू आजमी ११४. सचिन पायलट ११५. राहुल राय ११६. जरनैल सिँह शकील अहमद ११७. अल्का लाम्बा ११८. आशुतोष गुप्ता ११९. संगरिका घोस १२०. करीना कपूर खान १२१. सानिया मिर्जा १२२. अभय दुबे १२३. शाजिया इल्मी १२४. रवीश कुमार १२५. पूण्य प्रसून बाजपेयी १२६. सिद्धरामय्या १२७. आशीष खेतान १२८. संजय सिँह १२९. मणिशंकर इय्यर १३०. मजेद मेमन १३१. सीताराम येचुरी १३२. डी रजा (CPI) १३३. के टी एस तुलसी १३४. एच के दुआ १३५. दीपंकर भट्टाचार्य १३६. म क रैना १३७. तुषार गाँधी १३८. जस्टिस प्रेमचंद जैन १३९. जस्टिस ह स बेदी १४०. जस्टिस प बी सावंत १४१. जस्टिस ह सुरेश १४२. जस्टिस क ओ सीवा सुब्रमण्यम १४३. जस्टिस स न भार्गव १४४. जस्टिस क चंद्रू १४५. जस्टिस नाग्मोहन दास १४६. इंद्रा जयसिंह (वकील) १४७. इरफ़ान हबीब १४८. अर्जुन देव १४९. डी न झा १५०. अरुणा राय १५१. जों द्रेज़े १५२. जॉन दयाल १५३. शशी थरुर १५४
रोटी बैंक की अनोखी पहल, रोजाना 500 लोगों को मिल रहा है भोजन
औरंगाबाद। औरंगाबाद शहर में एक अनोखी पहल शुरु की गई है। इसका नाम है 'रोटी बैंक'। इसके तहत कोई भी व्यक्ति गरीब, बूढ़ा, बीमार, बेसहारा और बेरोजगार लोगों के लिए रोटियां जमा कर सकता है। इस अनूठी पहल की वजह से रोजाना करीब 500 लोगों को खाना मिल रहा है।
देर रात तक सर्विस
बैंक में सदस्यता के लिए सिर्फ एक फाॅर्म भरना होता है। बैंक उपभोक्ता को एक विशेष कोड संख्या देता है। बैंक उनसे आग्रह करता है कि वह कम से कम दो ताजी रोटी, एक प्लेट शाकाहारी या मांसाहारी सब्जी के साथ किसी भी समय जमा कर दें। जिससे जरूरतमंद को खाना उपलब्ध कराया जा सके। बैंक सुबह 11 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खुला रहता है।
यूसुफ मुकाती ने की शुरुआत
- इसकी शुरुआत इस्लामिक सेंटर (एचएमआईसी) के संस्थापक यूसुफ मुकाती ने की है।
- इसकी शुरुआत इस्लामिक सेंटर (एचएमआईसी) के संस्थापक यूसुफ मुकाती ने की है।
- यह भारत का दूसरा रोटी बैंक है। इससे पहले इसी तर्ज पर कुछ लोगों ने बुंदेलखंड में भी रोटी बैंक शुरू किया था।
- मुकाती कहते हैं 'मैं कई सालों से शहर में ऐसे बहुत से गरीबों को देख रहा हूं।
- खासकर मुस्लिम जो दिन में एक बार भोजन का खर्च नहीं उठा पाते हैं, क्योंकि वह सम्मानजनक जिंदगी जीना चाहते हैं, इसलिए भीख भी नहीं मांग सकते।
स्टोरेज की फैसिलिटी
इस बैंक को गरीबों और वंचित परिवारों के लिए शुरू किया गया है। इसे शुरू करने से पहले मैंने परिवार के लोगों से काफी बातचीत की। पांच दिसंबर को इसका शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन करीब 50 रोटियां बैंक में जमा की गईं।' बैंक में एक फ्रीज लगाया गया है। जिसमें 700 पैकेट्स एक साथ रखे जा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति दिन में एक या अधिक बार रोटियां जमा कर सकता है।
सेंटर में पढ़ने वाली करीब 100 लड़कियां भी बैंक को अपना योगदान दे रही हैं। शुरू में 250 सदस्य थे। अब इसमें करीब 25 प्रतिशत का इजाफा हो चुका है। जरूरतमंद यहां आकर किसी भी समय भोजन प्राप्त कर सकते हैं। फिलहाल इस बैंक से 500 लोग रोजाना खाना खा रहे हैं। हाल ही में कुछ लोगों ने 50 प्लेट खाना जमा किया।
आईएस आतंकवादियों ने सैकड़ों यजीदी महिलाओं को बंधक बना कर उनके साथ बलात्कार और यजीदी महिलाओं के शरीर के साथ हिंसक खेल-खेल खेलते हैं।
यह वीभत्स तस्वीर यजीदी महिला की कही जा रही है। आईएस आतंकवादियों ने सैकड़ों यजीदी महिलाओं को बंधक बना कर उनके साथ बलात्कार और यजीदी महिलाओं के शरीर के साथ हिंसक खेल-खेल खेलते हैं। यजीदी महिलाओं की हत्या कर उनका मांस खाते हैं। आईएस आतंकवादियों के कज्बे से जान बचाकर भागी यजीदी महिलाओं का कहना है कि आईएस के आतंकवादी कहते हैं कि इस्लाम के बाहर की महिलाओं का बलात्कार करना और उनके शरीर के साथ हिंसक खेल-खेलना उनका मजहबी अधिकार है। फिर भी मौलाना-मौलवी चुप रहते हैं। मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी करतूतें कब रूकेंगी?
Monday, 28 December 2015
काम की खबर: बेटी की शादी सरकार देगी 40 हजार रुपए
रियासत में गरीब परिवारों की बेटियों का शादी का कुछ खर्च राज्य
सरकार उठाएगी। इसके लिए सभी जिलों में गरीब परिवारों की बेटियों का सर्वे
किया गया है। जिला उपायुक्तों और जिला सामाजिक कल्याण विभाग अधिकारियों के
पास संबंधित जिलों की सूची पहुंचा दी गई है। यह योजना वर्ष 2016 में लागू
की जाएगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से 2015 में सर्वे कराया गया। सर्वे में उन गरीब परिवारों को शामिल किया गया, जिसमें बेटी की आयु 18 साल से ऊपर है। इन बेटियों की शादी के वक्त परिवार को 25 हजार रुपये और सोने के बदले 15 हजार रुपये सहित कुल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
ऐसी पौने चार लाख बेटियों का चयन किया गया है, जिनको इस योजना का लाभ दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग मंत्री बाली भगत ने बताया कि लाभार्थियों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गई है।
सरकार की लाडली बेटी, बेसहारा महिलाओं के लिए आसरा और महिलाओं को सशक्त करने के लिए हुनर योजना भी 2016 में लागू होगी। इसके अलावा महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए जम्मू और श्रीनगर दोनों में हेल्पलाइन कॉल सेंटर शुरू होगा।
केंद्र के पास इन सेंटरों को स्थापित करने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसको केंद्र ने मंजूरी दी है। इस सेंटर में कोई भी महिला 24 घंटे अपनी शिकायत कर सकती है।
महिला की शिकायत आने के बाद संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को छानबीन और कार्रवाई के लिए इसकी सूचना दी जाएगी
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से 2015 में सर्वे कराया गया। सर्वे में उन गरीब परिवारों को शामिल किया गया, जिसमें बेटी की आयु 18 साल से ऊपर है। इन बेटियों की शादी के वक्त परिवार को 25 हजार रुपये और सोने के बदले 15 हजार रुपये सहित कुल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
ऐसी पौने चार लाख बेटियों का चयन किया गया है, जिनको इस योजना का लाभ दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग मंत्री बाली भगत ने बताया कि लाभार्थियों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गई है।
सरकार की लाडली बेटी, बेसहारा महिलाओं के लिए आसरा और महिलाओं को सशक्त करने के लिए हुनर योजना भी 2016 में लागू होगी। इसके अलावा महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए जम्मू और श्रीनगर दोनों में हेल्पलाइन कॉल सेंटर शुरू होगा।
केंद्र के पास इन सेंटरों को स्थापित करने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसको केंद्र ने मंजूरी दी है। इस सेंटर में कोई भी महिला 24 घंटे अपनी शिकायत कर सकती है।
महिला की शिकायत आने के बाद संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को छानबीन और कार्रवाई के लिए इसकी सूचना दी जाएगी
आमदनी 10 लाख तो एलपीजी सब्सिडी नहीं
भारत में यदि आपकी या आपके जीवनसाथी
की कर के दायरे में आने वाली सालाना आय 10 लाख रुपए से अधिक है तो आप
सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर नहीं ले पाएंगे.
केंद्र सरकार ने नए साल से इस फ़ैसले को लागू करने की योजना बनाई है.सरकार ने कहा है कि आयकर क़ानून 1961 के मुताबिक़ जिन उपभोक्ताओं की पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान वार्षिक आय 10 लाख रुपए से अधिक है, वे सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के हक़दार नहीं होंगे.
एक जनवरी से बुक होने वाले एलपीजी सिलेंडरों के लिए ये फ़ैसला लागू होगा. शुरुआत में सिलेंडर की बुकिंग के दौरान उपभोक्ता को ख़ुद-ब-ख़ुद इसकी घोषणा करनी होगी.
सरकार के मुताबिक देशभर में अभी एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 16.35 करोड़ है. पहले इस योजना के तहत 14.78 करोड़ उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफ़र की जाती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार आर्थिक रूप से सक्षम उपभोक्ताओं से सब्सिडी छोड़ने की अपील की है ताकि ज़रूरतमंद को सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ मिल सके.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 57.50 लाख उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है.
इस फिल्म ने 12 दिन में कमाए सलमान-शाहरुख-अक्षय की पूरी कमाई से ज्यादा
हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वार्स: द फोर्स अवेकन्स’ ने बॉक्स ऑफिस के वर्ल्ड
वाइड रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस फिल्म ने रिलीज होने के 12 दिनों में
दुनिया की सबसे कमाई करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इसने इतनी कमाई
की है कि बॉलीवुड के तीन सबसे ज्यादा कमाई करने वाले स्टार सलमान, शाहरुख
और अक्षय द्वारा फिल्मों से कमाए गए अब तक सारे पैसे जोड़ भी दिए जाएं तो
भी कम पड़ जाएंगे।
12 दिनों में 60 अरब रुपए का कारोबार
2013 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार अक्षय कुमार ने 105 फिल्मों से 2000 करोड़ रुपए कमाए। वहीं अपनी फिल्मों से सलमान ने 1,794 करोड़ और शाहरुख खान ने 1,472 करोड़ रुपए कमाए। इन तीनों की फिल्मों से होने वाली कमाई को जो़ड़ दिया जाए तो कुल 53 अरब रुपए कमाए हैं। लेकिन बात करें 'स्टार वार्स' की तो इस हॉलीवुड फिल्म ने महज 12 दिनों में 60 अरब रुपए का कारोबार किया है।
12 दिनों में 60 अरब रुपए का कारोबार
2013 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार अक्षय कुमार ने 105 फिल्मों से 2000 करोड़ रुपए कमाए। वहीं अपनी फिल्मों से सलमान ने 1,794 करोड़ और शाहरुख खान ने 1,472 करोड़ रुपए कमाए। इन तीनों की फिल्मों से होने वाली कमाई को जो़ड़ दिया जाए तो कुल 53 अरब रुपए कमाए हैं। लेकिन बात करें 'स्टार वार्स' की तो इस हॉलीवुड फिल्म ने महज 12 दिनों में 60 अरब रुपए का कारोबार किया है।
कोक के अधिकारी का बड़ा खुलासा : प्यासे रह जाना पर कोका कोला कभी मत पीना
नई दिल्ली : जिस तरह कोका कोला की बोतल हिलाकर ढक्कन खोलने पर ज़बरदस्त झाग निकलती है उसी तरह अब कोका कोला के प्लांट से सनसनीखेज खुलासे बाहर निकल रहे हैं. कोका कोला के ब्रिटेन में काम करने वाले एक पूर्व अधिकारी ने खुलासा किया है कि स्प्राइट की दो लीटर की बोतल में ‘शुगर कंटेंट’ हमारी चीनी की रोजाना खुराक से 144 प्रतिशत ज्यादा होता है. यानी जो लोग खासकर स्प्राइट का सेवन कर रहे वो रोज़ अपने भीतर चीनी की बेतहाशा मात्रा ले रहे है जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक है. स्प्राइट से भी ज्यादा खतरनाक कोका कोला की एनर्जी ड्रिंक है जिसे लोग अक्सर स्वास्थ्य लाभ के लिए पीते है.
लोगों को गुमराह करने के लिए डाइट एक्सपर्ट्स को दी रिश्वत
ब्रिटेन में कोका कोला की बिक्री देख रहे इस अधिकारी ने बताया की अपनी सॉफ्ट ड्रिंक्स के कई खतरनाक प्रभाव छिपाने के लिए कोका कोला ने कुछ बड़े डाइट एक्सपर्ट्स को रिश्वत दी जिसके चलते उन्होंने स्प्राइट के शुगर कंटेंट पर कोई प्रतिकूल बात नही कही. इन एक्सपर्ट्स ने सार्वजनिक तौर पर लोगों को गुमराह किया और बताया की स्प्राइट या कोक पीने से मोटापा नही बढ़ता है और ये सॉफ्ट ड्रिंक सेहत के लिए किसी भी तरह हानिकारक नही है.
एनर्जी ड्रिंक भी है सेहत के लिए खतरनाक
ब्रिटिश अखबार द इंडिपेंडेंट ने इस अधिकारी का हवाला देते हुए खुलासा किया है कि कोका कोला कंपनी की एनर्जी ड्रिंक 'मॉन्स्टर' भी सेहत के लिए ठीक नही है. कुछ लोग स्वास्थ्य लाभ के लिए इस ड्रिंक का सेवन करते हैं पर उन्हें मालूम नही होता कि मॉन्स्टर खतरे के लाल निशान जैसी है और उनकी सेहत के लिय बेहद नुकसानदेह है. इस अधिकारी के मुताबिक मॉन्स्टर के ५०० लीटर के कैन में रोजाना सेवन करने के लिए तय शुगर की ४७ फीसदी मात्रा होती है जो कई बीमारियों को एक तरह से न्योता है. यही नही एनर्जी ड्रिंक के इस कैन में १६५ मिलीग्राम कैफीन होती है जो कॉफ़ी के डेढ़ कप और उसमे पड़ी 10 चम्मच चीनी के बराबर है. यानी जिसे एनर्जी ड्रिंक मानकर पिया जा रहा है उसमे कैफीन की अत्यधिक मात्रा है जो किसी के लिए भी हानिकारक है.
फिलहाल इस खबर पर कोका कोला की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक ब्यान नही आया है. लेकिन सवाल सिर्फ कोका कोला का नही है. इस दौड़ में पपेय पदार्थ बनाने वाली अन्य कम्पनिया भी वही कर रही है जो कोका कोला करती आई है.
पीएम मोदी और स्मृति ईरानी को लेकर आपत्तिजनक कमेंट
गुवाहटी/नई दिल्ली. असम के दो सीनियर कांग्रेस लीडर्स ने पीएम मोदी और स्मृति ईरानी को लेकर आपत्तिजनक कमेंट किया है। इस बीच, बीजेपी ने इस पर तीखा रिएक्शन दिया है। पार्टी महासचिव राम माधव ने बयान को शर्मनाक बताया हुए कहा कि बीजेपी मानहानि का केस करेगी।
क्या है मामला?
- रविवार को असम में एक पब्लिक मीटिंग के दौरान कांग्रेस नेता नीलमणि सेन डेका और विधायक रूप ज्योति कुर्मी ने पीएम मोदी और एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी पर आपत्तिजनक कमेंट किया।
- साथ ही कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार में एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी की एजुकेशन को लेकर भी सवाल उठाए थे।
बीजेपी ने क्या कहा?
- असम बीजेपी प्रेसिडेंट सर्बानंद सोनवाल ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया है।
- उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का बयान कांग्रेस की सोच को दिखाता है।
- देश के पीएम और मंत्री को लेकर आपत्तिजन कमेंट करने वाले नेताओं पर कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी फौरन कड़ी कार्रवाई करें।
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